Wednesday, June 10, 2009

लाल गिरगिटों की काली करतूत.

पाश के लिए सबसे खतरनाक है सपनो का मर जाना.
लेकिन गरीबों के सपनों को बेच देना कही ज्यादा ख़तरनाक है.
आलम यह है कि पाश और भगत सिंह का नाम बेचने वाले लाल गिरगिटों ने
आज कल शोषितों के सपनों को भी बेचना शुरू कर दिया है!
बंगाल से छतीसगढ़ और आँध्रप्रदेश से केरल तक खुनी खेल खेलने वाले ये संगठित अपराधी
गरीबों को सब्जबाग दिखा कर उनका शोषण करते हैं...
गरीबों के हाथो गरीबो को मरवाते है और खुद विचारक बनाने का ढोंग करते हुए...
पार्श्व में बैठ कर ऐशो आराम फरमाते हैं!

1 comment:

Sameer said...

great use of imagery..

sabzbagh...nice..

u've reminded me of a great way to vents out my anger!!
thadanks!